कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शिमला में होने वाले कार्यक्रम पर उठाए सवाल

कहा, चुनाव को देखते हुए है प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम

पीएम नरेंद्र मोदी कल शिमला आ रहे है। मोदी सरकार के आठ साल का कार्यकाल का राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम 31 मई को शिमला में मनाया जा रहा है। लेकिन कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए हैं। एआईसीसी प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने शिमला में एक प्रैस कांफ्रेंस में कहा है कि
कांग्रेस पीएम का स्वागत करती है लेकिन एक सवाल है की इस कार्यक्रम का शिमला में मानने का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि दिल्ली राजधानी है, जहां इस कार्यक्रम को किया जा सकता था। जाहिर है कि हिमाचल में आने वाले समय में चुनाव है और विधानसभा चुनाव के मध्यनजर ही इस कार्यक्रम को रखा गया है।
राठौर ने कहा कि मोदी सरकार का आठ साल का कार्यकाल निराशाजनक रहा है। उन्होंने कहा कि आठ साल पहले सता में आने से पहले नरेंद्र मोदी द्वारा एक नारा गढ़ा गया था कि…. बहुत हुई मंहगाई की मार, किसानों पर अत्याचार…तब अच्छे दिन लाने की बात होती थी। लोगों को अच्छे दिन के सपने दिखाए गए, मगर अच्छे दिन कहीं नजर नहीं आए रहे। आज महंगाई चरम पर है। गैस, खाने और अन्य रोजमर्रा की वस्तुएं गरीबों से ही नहीं बल्कि मध्यम वर्ग के परिवारों की पहुंच से दूर हो गई है। मकान बनाने की सामग्रियां भी कई गुना बढ़ गई है। डीजल पेट्रोल के दाम आसमान पर है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा चुनाव के समय दाम कम कर दिए जाते हैं। लेकिन चुनाव होने के बाद फिर इनके दाम बढ़ा दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि देश में बड़ी संख्या में
युवा बेरोजगार हैं। चुनाव से पूर्व मोदी और बीजेपी ने नारा दिया था की हर साल दो करोड़ रोजगार मिलेगा। इस वायदे के अनुसार आठ साल में 16 करोड़ युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए था। लेकिन उल्टे कोरोना काल में रोजगार छीना गया और जीडीपी ग्रोथ भी गिरी ।
नोटबंदी की मार से आज भी देश उभर नहीं पा रहा ।
आज ऐसे हालात बनाए जा रहे है की वित्तीय संस्थान का निजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सत्कार ने आरबीआई से 1.75 लाख करोड़ लिया जो कि देश में पहली बार हुआ। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह के समय में आर्थिक मंदी आई थी। लेकिन कांग्रेस की नीतियां सही थी जिससे इसका असर देश में कम हुआ। उन्होंने मोदी सरकार को नसीहत दी कि वह श्री लंका से सबक ले जहां सरकार की नीतियों से हालात खराब हो गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में धर्म के मुद्दे उठाए जा रहे हैं जिससे कि बुनियादी समस्याओं से ध्यान हठाया जाए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा से समझोता किया जा रहा है। चीन ने देश की सीमाओं पर अतिक्रमण किया जो आज भी जारी है।
राठौर ने मोदी सरकार के कोविड निपटने में भी विफलता के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में कोविड के समय हालत बदतर रहे। दवाइयां और ऑक्सीजन की कमी से लोगों की मौत हुई। लाखों
मजदूर पैदल अपने घर सैंकड़ों किलो मीटर पैदल जाने को मजबूर हुए। कोविड से देश में इतनी मौत हुई शव भी नदियों में फैंक दिए गए। राठौर ने कहा कि प्रधानमंत्री के पास आठ सालों में कहने को कुछ नहीं है।

मोदी कई बार आए मगर हिमाचल को कुछ भी नहीं दिया
राठौर ने कहा कि
हिमाचल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत बार आए, लेकिन कुछ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि
शिमला से घोषणा की गई कि चप्पल पहनने वाले भी जहाज में जायेंगे। मगर आज हिमाचल में एयर कनेक्टिविटी की हालात क्या है, यह सबके सामने है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने
एप्पल जूस को कोक पेप्सी में मिलाने की बात कर लोगों को भ्रमित किया।
69 से नैशनल हाइवे की घोषणा चुनाव से पहले की गई।
सेब पर आयात शुल्क सौ फीसदी करने का वायदा कर गए लेकिन इन पर कोई अमल नहीं किया गया।

राठौर ने कहा कि रोहतांग टनल का सारा श्रेय भाजपा ने लेने को कोशिश की गई। हालात यह थी कि टनल के उद्धघाटन के समय भी राजनीति की गई। इस टनल का
शिलान्यास सोनिया गांधी ने किया था, मगर उद्धघाटन के समय में शिलान्यास पट्टिका ही गायब कर दी गई।
उन्होंने कहा कि शिमला में इतने बड़े जश्न मनाने का महत्व तभी होगा अगर प्रधानमंत्री कोई बड़ा पैकेज हिमाचल को दे ताकि हिमाचल का कर्ज भी उत्तर जाए।
राठौर ने कहा कि हिमाचल की जनता चाहती है कि प्रधानमंत्री
एक बड़ा पैकेज हिमाचल को दे। इस मौके पर कांग्रेस प्रवक्ता देवेंद्र बुशेहरी, शिमला शहरी अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे।

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