दो निर्दलीय विधायकों को भाजपा में शामिल कर किया एंटी डिफेक्शन लॉ का उल्लंघन:। कांग्रेस

दोनों विधायकों की सदस्यता रद्द करने की कांग्रेस ने की मांग

कांग्रेस ने दो निदलीय विधायकों, देहरा से होशियार सिंह और जोगिंद्र नगर से प्रकाश राणा भाजपा में शामिल किए जाने के तौर तरीकों पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने इन विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है।
कांग्रेस के उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने शिमला में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सरकार ने ऐसा कर एंटी डिफेक्शन लॉ का सीधा उल्लंघन किया गया है। उन्होंने सवाल किया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को इस कानून का क्या कोई ध्यान नहीं था या वे कानून का जानबुझकर उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों विधायकों ने जनमत की अनदेखी की है वहीं नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री को भी यह देखना जरूरी था कि इसमें नियम का पालन हो। नरेश चौहान ने कहा कि वैसे इन विधायकों के भाजपा में शामिल करने से पार्टी का अंतर्कलह उजागर हुआ है। यह तब हुआ जब हमीरपुर में पार्टी कार्यकारिणी का मंथन दिनभर चल रहा था और शाम होते हुए इन दो विधायकों को भाजपा में शामिल कर दिया गया। बड़ी बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम धूमल को भी अंधेरे में रखा गया था कि दो निर्दलीय विधायकों को भाजपा में शामिल किया जा रहा है।

नरेश चौहान ने कहा कि मंडी में मुख्यमंत्री का बीते दिन जो कार्यक्रम था , उसमें उन्होंने पूरा भाषण कांग्रेस पर ही फोकस रखा। उन्होंने कहा कि यह जनता का ध्यान भटकाने का एक प्रयास था। सरकार भी समझती है कि चुनाव से पहले भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में किए वायदों को पूरा नहीं किया। यही वजह है कि सीएम केवल कांग्रेस के बारे में कहते रहे।
लेकिन यह देखने की जरूरत है निर्दलीय विधायकों का पार्टी में शामिल करने का जो मास्टर स्ट्रोक खेला गया है उससे भाजपा के अंदर गुटबाजी सामने आई है।

नरेश चौहान ने सरकार के लैपटॉप वितरण कार्यक्रम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने साढ़े चार साल बाद लेपटॉप वितरण किया है। यह उसकी नाकामी दर्शा रहा है। उन्होंने कहा कि पांच पांच साल योजनाएं देरी से चल रही है।
सरकार जो फैसले ले रही है वो लोगों तक नहीं पहुंच रहे। हालात ‌‌‌यह कि सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा।
नरेश चौहान ने रामपुर में एनएसयूआई के छात्रों‌ के साथ प्रिंसिपल द्वारा किए गए दुर्व्यवहार पर भी चिता जाहिर की। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रिंसिपल से मिले थे
यह उनका अधिकार भी है लेकिन प्रिंसिपल छात्रों के लिए चप्पल निकल रहे है। उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए।
समर फेस्टिवल में कुप्रबंधन देखने को मिला। सुरक्षा की दृष्टि से रिज वैसे भी सिंकिंग जोन में है। लेकिन सरकार ने पहले यहां प्रधानमंत्री का कार्यक्रम किया और फिर समर फेस्टिवल करवाया। इस दौरान भरी अवव्यवस्था देखने को मिली।

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