जयराम सरकार में अफसरशाही ले रही सारे फैसले, सुबह के फैसले शाम को बदल रही सरकारः अनिरूद्ध सिंह

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं विधायक अनिरुद्ध सिंह ने कहा है कि जयराम सरकार अफसरशाही की सरकार है। शिमला में एक प्रैस कांफ्रेंस में अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि सरकार का एक भी फैसला अपना नहीं बल्कि सभी फैसले अफसरशाही ही ले रही है। उन्होंने जयराम सरकार को अपने फैसले पलटने वाली सरकार करार दिया और कहा कि यह सरकार सुबह फैसले लेती है और शाम को इनको बदलती है। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार ने अपने कार्यकाल में करीब 200 नोटिफिकेशन बदल डाली है।
अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि जयराम सरकार चुनाव के नजदीक आते ही भर्तियां निकाल रही है जबकि चुनावी आचार संहिता लगने को कुछ ही दिन बाकी है। सरकार को अब युवाओं की याद आ रही है। यही नहीं सरकार ने पहले जो कुछ भर्तियां निकालीं, उनमें पेपर लीक कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया गया। पुलिस कांस्टेबल भर्ती का पर्चा लीक कर हजारों युवाओं के साथ धोखा किया गया। सरकार ने पहले इसकी सीबीआई जांच की बात कही लेकिन बाद में मुकर गई।
अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने झूठे वादे कर लोगों को गुमराह करने का काम किया है। हिमाचल में 69 एनएच बनाने की बात केंद्र की मोदी और जयराम सरकार ने की थी, लेकिन एक भी सडक के लिए सर्वे तक नहीं करवाया गया। फोरलेन की भी यही कमोबेश यही स्थिति है। परवाणु शिमला फोरलेन के कैथलीघाट से लेकर ढली तक के हिस्से पर अभी भी काम शुरू नहीं किया गया, जबकि इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों को उजाडा गया। अब इसकी अलाइंमेंट ही बदल दी गई।
अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि सरकार सीमेंट कंपनियों पर अंकुश लगाने में नाकाम रही है। यही वजह है कि हिमाचल में सीमेंट मंहगा बेचा जा रहा है।
जयराम सरकार ने कसुम्पटी से किया भेदभाव
अनिरूद्ध सिंह ने जयराम सरकार पर कसुम्पटी विधानसभा हल्के से भेदभाव करने के भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पांच सालों से जयराम सरकार ने उनके इलाके में कोई काम नहीं किया, उल्टे उनके शुरू किए कार्यों लटकाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि कसुम्पटी में जो भी काम हुआ है वो विधायक प्राथमिकता और नाबार्ड की योजनाओं के तहत ही हुआ है। विधायक होने के नाते इस इलाके की 14 परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए, जिसमें 12 योजनाएं मंजूरी भी उन्होंने करवाई। इन परियोजनाओं में सरकार का कोई हाथ नहीं है।

शिमला में स्मार्ट सिटी के तहत हुआ घटिया काम

अनिरुद्ध सिंह ने शिमला में स्मार्ट सिटी के तहत के किए कार्यो पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिमला शहर में सड़कें चौडा करने के काम में गुणवतता का कोई ध्यान नहीं रखा। कसुपंटी से भेदभाव कर शिमला नगर निगम के तहत आने वाले कसुंपटी के वार्डो में एक भी काम स्मार्ट सिटी का नहीं किया।
अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि शिमला शहर में चौबीस घंटों पानी देने की 764 करोड़ रूपए की परियोजना पूर्व कांग्रेस सरकार ने मंजूर करवाई थी, मगर इसका काम अभी तक नहीं शुरू हुआ। हालात यह है कि आज शिमला में लोगों को कई दिनों तक पानी नहीं मिल रहा। पानी की शहर में राशनिंग लगातार की जा रही है।

शहर में नई पार्किंगें और अन्य कार्य नहीं किए

विधायक ने कहा कि जयराम सरकार और भाजपा शासित नगर निगम शिमला शहर में लोगों को कोई नई पार्किंग नहीं दे पाई। पूर्व सरकार के समय में एसडीए कांप्लेक्स में पार्किंग बनाने का शिलान्यास किया गया था, इसका दोबारा से शिलान्यास स्थानीय विधायक एवं शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कर डाला। विकासनगर में पार्किंग का काम अब जाकर शुरू करवाया गया। उन्होंने कहा कि मल्याणा में बन रहे आईजीएमसी के फेज दो के काम को पूरा सरकार नहीं कर पाई, इसके लिए पूर्व सरकार ने धनराशि मंजूर की थी। इसके लिए अलग से वैकल्पिक सड़क बनाई जानी थी, जो कि सरकार ने नहीं बनाई। अब इस आधे अधूरे काम का उद्घाटन करने की सरकार तैयारी कर रही है।
इस मौके पर कांग्रेस कमेटी के महासचिव यशपाल तनाइक, सचिव सुशांत कपरेट और महिला कांग्रेस की महासचिव शशि ठाकुर भी मौजूद रहीं।

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