कांग्रेस की बीजेपी को खुली चुनौती, अपनी लोकप्रियता पर भरोसा है तो एमसी चुनाव करवाकर देखे

कांग्रेस ने भाजपा को चुनौती दी है कि अगर उसे अपनी लोकप्रियता पर इतना ही भरोसा है तो वह शिमला नगर निगम चुनाव करवा कर देख ले। शिमला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस विधायक दल के उप नेता हर्षवर्धन चौहान ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह नगर निगम शिमला के चुनावों से भाग रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा शिमला नगर निगम चुनाव लटकाने की पूरी कोशिश कर रही है। भाजपा को मालूम है कि अगर चुनाव होते हैं तो कांग्रेस भारी बहुमत से जीतेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हिमाचल में हुए चार उप चुनाव में अपनी हार का ट्रेलर देख लिया है। इसलिए वह नगर निगम शिमला के चुनावों से दूर भाग रही है।

हर्षवर्धन चौहान ने भाजपा पर जनता से जुड़े असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा मंहगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर बात करने से कतरा रही है। हिमाचल में बेरोजगारी, मंहगाई सहित कई बड़े मुद्दे हैं, मगर सरकार उन मुद्दों को उठा रही है जो अहम नहीं है। उन्होंने कहा कि आज महंगाई 72 साल के चरम सीमा पर है। हिमाचल में माफिया सक्रिय है। बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। लेकिन सरकार इन मुद्दों को हल नहीं कर रही। उन्होंने आरोप लगाया किबीजेपी सता हासिल करने के लिए हर हथकंडा अपना रही है। उन्होंने सरकारी धन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर भी आरोप लगाया कि वे चुनाव को समीप आते देख बिना बजट के ही बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कि वह उन एक दर्जन प्रोजेक्ट बताएं जो उनके कार्यकाल में पूरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में कैपिटल आउट ले 22 फीसदी कट किया है, जिससे विकास परियोनाओं के लिए पैसे ही नहीं है। जबकि सरकार हर विधानसभा में करोड़ों की घोषणाएं कर रही हैं। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र शिलाई का उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने 138 करोड़ के शिलाई में 20 प्रोजेक्ट के उद्धघाटन किए हैं जबकि इनके लिए मात्र 16 करोड़ ही पैसा आया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर प्रदेश को कर्ज में डुबोने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2017 में राज्य पर 45 हजार करोड़ कर्ज था जो कि फरवरी 2022 में 63200 करोड़ और अब करीब 70 हजार करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से हिमाचल की वित्तीय स्थिति पर व्हाइट पेपर जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार का दावा किया जा रहा है जबकि केंद्र से हिमचल को कोई वित्तीय सहायता नहीं मिली। पीएम ने अभी दो दौरे किए हैं, लेकिन एक पेस की घोषणा भी उन्होंने नहीं की।

कर्मचारियों की अनदेखी कर रही सरकार

हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कर्मचारी सरकारी व्यव्स्था के अभिन्न अंग होते हैं और हिमाचल में कर्मचारी सरकारों का फैसला करते हैं। लेकिन भाजपा सरकार कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है। यही वजह है कि कई विभागों के कर्मचारी आंदोलन करने को मजबूर है। बीते एक सप्ताह से जिला परिषद के अधीन काम करने वाले सैंकड़ों कर्मचारी पंचायती राज विभाग के अधीन करने की मांग को लेकर हड़ताल पर है, इससे 72 ब्लॉक‌‌में काज ठप्प पड़ा हुआ है। लेकिन सरकार का रवैया अभी भी अड़ियल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को मानने की बजाए उनको प्रताड़ित करने लगी हुई है। ओल्ड पेंशन की मांग करने वालों पर एफआईआर करने के साथ उनकी पिटाई तक की गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक छठे वेतन आयोग की खामियों को भी दूर नहीं किया। इसी तरह पेंशनर्स का छठे वेतन का एरियर 2016 से पेंडिंग पड़ा है

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