मोर्चा ने मुख्यमंत्री से समय रहते पुरानी पेंशन बहाली पर निर्णय लेने का किया आग्रह


हिमाचल प्रदेश पेंशन बहाली सँयुक्त मोर्चा(PRUFHP) ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से समय रहते पुरानी पेंशन बहाली पर निर्णय लेने की मांग की है। मोर्चा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार, महामंत्री एल ड़ी चौहान, व मुख्य ससलाहकार अशोक राजपूत ने कहा कि जिस जिंदादिली के साथ पश्चिम बंगाल राज्य ने एनपीएस को शुरू में ही नकार दिया था और वर्तमान में राज्यस्थान व छत्तीसगढ़ की सरकारों ने भी पुरानी पेंशन को बहाल करके सरकारों की रीढ़ कर्मचारियों के हितैषी होने का प्रमाण दिया है।

उन्होंने कहा कि पेन्शन बहाली सँयुक्त मोर्चा प्रदेश में संवैधानिक तरीकों से लगातार सँघर्ष करता आ रहा है और सरकार द्वारा भी मांगो पर कार्यवाही की जाती रही है, अब मोर्चा सिर्फ पुरानी पेंशन की बहाली चाहता है।
एल डी चौहान ने कहा कि मोर्चा द्वारा मुख्यमंत्री के साथ ओपीएस बहाली के मुद्दे पर सभी तथ्य के साथ वार्ता करने हेतु पत्र दिया जा चुका है जिस पर दूरभाष के माध्यम से सरकार की तरफ से मोर्चा को अवगत भी करवा गया है।

साल में लगभग 2 हजार करोड़ सरकार का बचेगा

कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार पुरानी पेंशन को बहाल करती है तो मासिक 136 करोड़ सरकार का वो पैसा बच जाएगा जो 14 प्रतिशत शेयर के तहत सरकार निजी कंपनियों को देती है, इसी तरह साल में लगभग 2 हजार करोड़ सरकार का बचेगा।
महिला मोर्चा राज्य महा सचिव पवना राणा ने कहा कि प्रदेश का कर्मचारी अब उसी दल को सत्तासीन करेगा जो पुरानी पेंशन की बहाली के पक्ष में होगा और राष्ट्रीय स्तर पर पंजीकृत मोर्चा तब तक जंग जारी रखेगा जब तक कर्मियों को अपना संवैधानिक हक ओपीएस नही मिल जाता।

Leave a Reply

Your email address will not be published.