एसजेवीएन ने बिहार में 200 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना के लिए किया पीपीए साइन

Last updated on June 2nd, 2022 at 07:54 pm






एसजेवीएन के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नन्‍द लाल शर्मा ने बताया कि एसजेवीएन ने बिहार में 200 मेगावाट ग्रिड कनेक्टेड सौर ऊर्जा परियोजना के लिए एक दीर्घकालिक विद्युत खरीद समझौते (पीपीए) पर हस्ताक्षर किए हैं। विद्युत खरीद समझौते पर एसजेवीएन और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) के साथ-साथ इसके दो डिस्कॉम्स नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) एवं साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) के साथ हस्ताक्षर किए गए हैं।
पीपीए पर हस्ताक्षर बिहार के विद्युत मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, प्रमुख सचिव ऊर्जा, बिहार सरकार एवं सीएमडी, बीएसपीएचसीएल, संजीव हंस, एसजेवीएन के निदेशक (वित्त), ए. के. सिंह एवं निदेशक (विद्युत), सुशील कुमार शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में किए गए।
नन्‍द लाल शर्मा ने अवगत करवाया कि एसजेवीएन ने बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (बीआरईडीए) द्वारा आयोजित खुली प्रतिस्‍पर्धी टैरिफ बोली के माध्यम से 3.11 रुपए प्रति यूनिट के टैरिफ पर यह परियोजना हासिल की है। कुल 200 मेगावाट में से, एसजेवीएन ने जमुई जिले के काकनचोर में 125 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना तथा जिला बांका के कटोरिया में 75 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना विकसित करने की योजना बनाई है। इन परियोजनाओं से उत्‍पादित विद्युत की निकासी क्रमशः न्यू जमुई और न्यू बांका सबस्टेशनों के माध्यम से की जाएगी।
नन्द लाल शर्मा ने कहा कि इस परियोजना के निर्माण और विकास की संभावित लागत 1000 करोड़ रुपए है। इस परियोजना से पहले वर्ष में लगभग 421 मि.यू. और 25 वर्षों की अवधि में 10512 मि.यू. विद्युत उत्‍पादन की संभावना है। इस परियोजना को नवंबर, 2023 तक कमीशन किया जाना निर्धारित है।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए बिहार सरकार के विद्युत मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बिहार में ऊर्जा विकास में एसजेवीएन के प्रयासों की सराहना की, जहां एसजेवीएन पहले से ही सौर और थर्मल पावर परियोजनाओं और ट्रांसमिशन लाइन पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार एसजेवीएन को 1000 मेगावाट की कैमूर पंप स्टोरेज परियोजना के आबंटन पर विचार कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि एसजेवीएन को बिहार राज्य में फ्लोटिंग सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने की संभावनाओं को तलाशना चाहिए। उन्‍होंने इस संदर्भ में बिहार सरकार के सहयोग का भी आश्‍वासन दिया।
गौर हो कि प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी के गैर-जीवाश्म स्रोतों से वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट विद्युत उत्‍पादन के विजन की पृष्ठभूमि में, एसजेवीएन ने नवीकरणीय ऊर्जा के विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी यात्रा आरंभ की है। एसजेवीएन इस विजन को आगे बढ़ाने के लिए अपने पोर्टफोलियो में नवीकरणीय परियोजनाओं को शामिल कर रहा है। कंपनी का कुल पोर्टफोलियो लगभग 31500 मेगावाट है। हाल ही में अर्जित नई परियोजनाएं एसजेवीएन को वर्ष 2023 तक 5000 मेगावाट, 2030 तक 25000 मेगावाट और वर्ष 2040 तक 50000 मेगावाट की स्थापित क्षमता को साकार करने का मार्ग प्रशस्‍त कर रही है।



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