‘आप’ को मौका देकर देखें, प्रदेश के एक-एक स्कूल की तस्वीर बदल देंगे: मनीष सिसोदिया

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भाजपा सरकार पर लगाया एजुकेशन सिस्टम को बर्बाद करने का आरोप


दिल्ली के सरकारी स्कूल निजी स्कूलों को टक्कर दे रहे, हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था को भी ऐसे ही मजबूत करेंगे




हिमाचल में शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया आज शिमला पहुंचे। शिमला पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। जनता संवाद कार्यक्रम के तहत सभागार में उपस्थित लोगों ने प्रदेश और दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल किए। इस मौके पर डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि
सच में आज लग रहा है कि देश में आम आदमी पार्टी का आना सफल हो गया। साल 2012 में इसी उद्देश्य के साथ हम राजनीति में आए थे कि देश में शिक्षा का स्तर किस तरह से ऊंचा होगा। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा पर चर्चा करने के लिए 250 से ज्यादा लोग सभागार में उपस्थित हैं। यकीन मानिए, आने वाले समय में शिक्षा पर हुई चर्चा देश के इतिहास में याद की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस राज्य में चुनाव होने वाले हैं और चुनाव के दिनों में शिक्षा बड़ा मुद्दा बनने वाला है। हर तरफ शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा हो रही है।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक नेता पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले इनके के बेटे की शादी होती है। पहले तक वह भाजपा नेता दो कमरों के मकान में रहता था। लेकिन अब जब बेटे की शादी होती है तो 10 बड़ी- बड़ी रिसेप्शन पार्टी दिल्ली से लेकर शिमला तक दी जाती है। मनीष सिसोदिया ने सवाल किया कि नेता के पास इतना पैसा कहां से आया?

प्रदेश की जनता AAP को पांच साल देकर देखे

मनीष सिसोदिया ने शिक्षा पर संवाद कार्यक्रम के दौरान कहा कि हिमाचल में बड़ी संख्या में उद्योग स्थापित किए गए। उद्योगों का पैसा यदि प्रदेश के विकास पर खर्च किया होता, तो सरकार के पास आज स्कूल खोलने के लिए बजट की कमी नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगों का पैसा भाजपा नेता ले गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता ने कांग्रेस-भाजपा को इतने साल दे दिए। इस बार पांच साल AAP को देकर देखें। प्रदेश के स्कूलों की तस्वीर बदल जाएगी।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने न केवल हिमाचल बल्कि पूरे देश में शिक्षा का बेड़ा गर्क कर रखा है। उन्होंने कहा कि AAP के आने के बाद पहली बार चुनाव में शिक्षा को लेकर बातें होने लगी है। हिमाचल में जयराम सरकार स्कूलों को निरंतर बंद कर रही है, ताकि निचले तबके के लोगों के बच्चे शिक्षा ग्रहण न कर सके।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल को सरकार चलाने के लिए पांच साल मिले। इन पांच सालों में ही दिल्ली की शिक्षा को बेहतर किया गया है। दिल्ली देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जो अपने बजट का 25 फीसदी हिस्सा शिक्षा पर खर्च कर रहा है। दिल्ली में कभी भी शिक्षा के लिए बजट की कमी नहीं पड़ी है। उन्होंने भाजपा को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि भाजपा ने इतने साल प्रदेश में राज किया, लेकिन सरकारी स्कूलों में आने वाले टीचरों और छात्रों के लिए शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे चल रहा है इनका स्वच्छ भारत अभियान। कम से कम महिला शिक्षकों और बच्चों के लिए तो शौचालय बना लेते।

सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार ने दुनिया के विकसित देशों के शिक्षण संस्थानों में अपने प्रिंसिपल्स को भेजकर ट्रेनिंग दिलवाई। इससे दिल्ली के स्कूलों का वातावरण बदला और आज दिल्ली के स्कूल निजी स्कूलों को टक्कर दे रहे हैं। इससे पहले संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए शिक्षाविद्धों और अभिभावकों ने शिक्षा से जुड़े कई सवाल मनीष सिसोदिया से किए।

भाजपा सरकार ने किया शिक्षा का बेड़ा गर्ग: सिसोदिया

उन्होंने कहा कि जयराम सरकार ने 5 सालों के दौरान शिक्षा को बर्बाद किया है। यही वजह है कि 2015 में सरकारी स्कूलों में 10 लाख बच्चे पढ़ते थे। आज इनकी संख्या 8 लाख रह गई है। दूसरी तरफ दिल्ली है, जहां बड़े बड़े प्राइवेट स्कूलों से बच्चे निजी स्कूलों में आ रहे हैं।

इस बार शिक्षा के नाम पर वोट देंगे हिमाचली

सिसोदिया ने कहा कि हिमाचल के 2000 स्कूलों में एक-एक टीचर हैं। 6000 स्कूल ऐसे हैं, जहां केवल दो ही टीचर हैं। कई स्कूल ऐसे हैं जहां एक शिक्षक पांच-पांच कक्षाओं को पढ़ा रहे हैं। 8000 करोड़ का बजट है, लेकिन प्राइवेट स्कूल बढ़ रहे हैं और सरकारी स्कूल कम हो रहे हैं. उधर, हिमाचल के मुख्यमंत्री प्राइवेट कालेज का इश्तिहार देते हैं। उनके सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता ने शिक्षा के नाम पर वोट देने की कसम खा ली है। एक बार आम आदमी पार्टी को पांच साल देकर देख लें।

सरकारी जमीन ठेकेदार को बेचने का बनेगा मुद्दा

एक अभिभावक द्वारा उठाए गए सवाल पर मनीष सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मंडी में सरकारी स्कूल की जमीन कैसे ठेकेदार को बेच दी, इसे मुद्दा बनाया जाएगा।

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